Raj Bhasha

 

संवैधानिक प्रावधान

भारत के संविधान में राजभाषा से संबंधित भाग-17

अध्याय 1--संघ की भाषा

अनुच्छेद 120. संसद में प्रयोग की जाने वाली भाषा -

1.    भाग 17 में किसी बात के होते हुए भी, किंतु अनुच्छेद 348 के उपबंधों के अधीन रहते हुए, संसद में कार्य हिंदी में या अंग्रेजी में किया जाएगा

परंतु, यथास्थिति, राज्य सभा का सभापति या लोक सभा का अध्यक्ष अथवा उस रूप में कार्य करने वाला व्यक्ति किसी सदस्य को, जो हिंदी में या अंग्रेजी में अपनी पर्याप्त अभिव्यक्ति नहीं कर सकता है, अपनी मातृ-भाषा में सदन को संबोधित करने की अनुज्ञा दे सकेगा ।

2.    जब तक संसद विधि द्वारा अन्यथा उपबंध न करे तब तक इस संविधान के प्रारंभ से पंद्रह वर्ष की अवधि की समाप्ति के पश्चात यह अनुच्छेद ऐसे प्रभावी होगा मानो या अंग्रेजी में शब्दों का उसमें से लोप कर दिया गया हो ।

अनुच्छेद 210: विधान-मंडल में प्रयोग की जाने वाली भाषा -

1.    भाग 17 में किसी बात के होते हुए भी, किंतु अनुच्छेद 348 के उपबंधों के अधीन रहते हुए, राज्य के विधान-मंडल में कार्य राज्य की राजभाषा या राजभाषाओं में या हिंदी में या अंग्रेजी में किया जाएगा

परंतु, यथास्थिति, विधान सभा का अध्यक्ष या विधान परिषद का सभापति अथवा उस रूप में कार्य करने वाला व्यक्ति किसी सदस्य को, जो पूर्वोक्त भाषाओं में से किसी भाषा में अपनी पर्याप्त अभिव्यक्ति नहीं कर सकता है, अपनी मातृभाषा में सदन को संबोधित करने की अनुज्ञा दे सकेगा ।

2.    जब तक राज्य का विधान-मंडल विधि द्वारा अन्यथा उपबंध न करे तब तक इस संविधान के प्रारंभ से पंद्रह वर्ष की अवधि की समाप्ति के पश्चात यह अनुच्छेद ऐसे प्रभावी होगा मानो या अंग्रेजी में शब्दों का उसमें से लोप कर दिया गया हो :

परंतु हिमाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा राज्यों के विधान-मंडलों के संबंध में, यह खंड इस प्रकार प्रभावी होगा मानो इसमें आने वालेपंद्रह वर्ष शब्दों के स्थान पर पच्चीस वर्ष शब्द रख दिए गए हों :

परंतु यह और कि अरूणाचल प्रदेश, गोवा और मिजोरम राज्यों के विधान-मंडलों के संबंध में यह खंड इस प्रकार प्रभावी होगा मानो इसमें आने वाले पंद्रह वर्ष शब्दों के स्थान पर चालीस वर्ष शब्द रख दिए गए हों ।

अनुच्छेद 343. संघ की राजभाषा--

1.    संघ की राजभाषा हिंदी और लिपि देवनागरी होगी, संघ के शासकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग होने वाले अंकों का रूप भारतीय अंकों का अंतर्राष्ट्रीय रूप होगा।

2.    खंड (1) में किसी बात के होते हुए भी, इस संविधान के प्रारंभ से पंद्रह वर्ष की अवधि तक संघ के उन सभी शासकीय प्रयोजनों के लिए अंग्रेजी भाषा का प्रयोग किया जाता रहेगा जिनके लिए उसका ऐसे प्रारंभ से ठीक पहले प्रयोग किया जा रहा था :

परन्तु राष्ट्रपति उक्त अवधि के दौरान, आदेश द्वारा, संघ के शासकीय प्रयोजनों में से किसी के लिए अंग्रेजी भाषा के अतिरिक्त हिंदी भाषा का और भारतीय अंकों के अंतर्राष्ट्रीय रूप के अतिरिक्त देवनागरी रूप का प्रयोग प्राधिकृत कर सकेगा।

3.    इस अनुच्छेद में किसी बात के होते हुए भी, संसद उक्त पन्द्रह वर्ष की अवधि के पश्चात, विधि द्वारा

a.     अंग्रेजी भाषा का, या

b.    अंकों के देवनागरी रूप का,

ऐसे प्रयोजनों के लिए प्रयोग उपबंधित कर सकेगी जो ऐसी विधि में विनिर्दिष्ट किए जाएं।

अनुच्छेद 344. राजभाषा के संबंध में आयोग और संसद की समिति--

1.    राष्ट्रपति, इस संविधान के प्रारंभ से पांच वर्ष की समाप्ति पर और तत्पश्चात ऐसे प्रारंभ से दस वर्ष की समाप्ति पर, आदेश द्वारा, एक आयोग गठित करेगा जो एक अध्यक्ष और आठवीं अनुसूची में विनिर्दिष्ट विभिन्न भाषाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले ऐसे अन्य सदस्यों से मिलकर बनेगा जिनको राष्ट्रपति नियुक्त करे और आदेश में आयोग द्वारा अनुसरण की जाने वाली प्रक्रिया परिनिश्चित की जाएगी।

2.    आयोग का यह कर्तव्य होगा कि वह राष्ट्रपति को--

a.     संघ के शासकीय प्रयोजनों के लिए हिंदी भाषा के अधिकाधिक प्रयोग,

b.    संघ के सभी या किन्हीं शासकीय प्रयोजनों के लिए अंग्रेजी भाषा के प्रयोग पर निर्बंधनों,

c.     अनुच्छेद 348 में उल्लिखित सभी या किन्हीं प्रयोजनों के लिए प्रयोग की जाने वाली भाषा,

d.    संघ के किसी एक या अधिक विनिर्दिष्ट प्रयोजनों के लिए प्रयोग किए जाने वाले अंकों के रूप,

e.    संघ की राजभाषा तथा संघ और किसी राज्य के बीच या एक राज्य और दूसरे राज्य के बीच पत्रादि की भाषा और उनके प्रयोग के संबंध में राष्ट्रपति द्वारा आयोग को निर्देशित किए गए किसी अन्य विषय, के बारे में सिफारिश करे।

3.    खंड (2) के अधीन अपनी सिफारिशें करने में, आयोग भारत की औद्योगिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक उन्नति का और लोक सेवाओं के संबंध में अहिंदी भाषी क्षेत्रों के व्यक्तियों के न्यायसंगत दावों और हितों का सम्यक ध्यान रखेगा।

4.    एक समिति गठित की जाएगी जो तीस सदस्यों से मिलकर बनेगी जिनमें से बीस लोक सभा के सदस्य होंगे और दस राज्य सभा के सदस्य होंगे जो क्रमशः लोक सभा के सदस्यों और राज्य सभा के सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा निर्वाचित होंगे।

5.    समिति का यह कर्तव्य होगा कि वह खंड (1)के अधीन गठित आयोग की सिफारिशों की परीक्षा करे और राष्ट्रपति को उन पर अपनी राय के बारे में प्रतिवेदन दे।

6.    अनुच्छेद 343 में किसी बात के होते हुए भी, राष्ट्रपति खंड (5) में निर्दिष्ट प्रतिवेदन पर विचार करने के पश्चात्‌ उस संपूर्ण प्रतिवेदन के या उसके किसी भाग के अनुसार निदेश दे सकेगा।

अध्याय 2- प्रादेशिक भाषाएं

अनुच्छेद 345. राज्य की राजभाषा या राजभाषाएं--

अनुच्छेद 346 और अनुच्छेद 347 के उपबंधों के अधीन रहते हुए, किसी राज्य का विधान-मंडल, विधि द्वारा, उस राज्य में प्रयोग होने वाली भाषाओं में से किसी एक या अधिक भाषाओं को या हिंदी को उस राज्य के सभी या किन्हीं शासकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग की जाने वाली भाषा या भाषाओं के रूप में अंगीकार कर सकेगाः

परंतु जब तक राज्य का विधान-मंडल, विधि द्वारा, अन्यथा उपबंध न करे तब तक राज्य के भीतर उन शासकीय प्रयोजनों के लिए अंग्रेजी भाषा का प्रयोग किया जाता रहेगा जिनके लिए उसका इस संविधान के प्रारंभ से ठीक पहले प्रयोग किया जा रहा था।

अनुच्छेद 346. एक राज्य और दूसरे राज्य के बीच या किसी राज्य और संघ के बीच पत्रादि की राजभाषा--

संघ में शासकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग किए जाने के लिए तत्समय प्राधिकृत भाषा, एक राज्य और दूसरे राज्य के बीच तथा किसी राज्य और संघ के बीच पत्रादि की राजभाषा होगी :

परंतु यदि दो या अधिक राज्य यह करार करते हैं कि उन राज्यों के बीच पत्रादि की राजभाषा हिंदी भाषा होगी तो ऐसे पत्रादि के लिए उस भाषा का प्रयोग किया जा सकेगा।

अनुच्छेद 347. किसी राज्य की जनसंख्या के किसी भाग द्वारा बोली जाने वाली भाषा के संबंध में विशेष उपबंध--

यदि इस निमित्त मांग किए जाने पर राष्ट्रपति का यह समाधान हो जाता है कि किसी राज्य की जनसंख्या का पर्याप्त भाग यह चाहता है कि उसके द्वारा बोली जाने वाली भाषा को राज्य द्वारा मान्यता दी जाए तो वह निदेश दे सकेगा कि ऐसी भाषा को भी उस राज्य में सर्वत्र या उसके किसी भाग में ऐसे प्रयोजन के लिए, जो वह विनिर्दिष्ट करे, शासकीय मान्यता दी जाए।

अध्याय 3 - उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालयों आदि की भाषा

अनुच्छेद 348. उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों में और अधिनियमों, विधेयकों आदि के लिए प्रयोग की जाने वाली भाषा--

1.    इस भाग के पूर्वगामी उपबंधों में किसी बात के होते हुए भी, जब तक संसद् विधि द्वारा अन्यथा
उपबंध न करे तब तक--

a.     उच्चतम न्यायालय और प्रत्येक उच्च न्यायालय में सभी कार्यवाहियां अंग्रेजी भाषा में होंगी,

b.     

i.        संसद् के प्रत्येक सदन या किसी राज्य के विधान-मंडल के सदन या प्रत्येक सदन में पुरःस्थापित किए जाने वाले सभी विधेयकों या प्रस्तावित किए जाने वाले उनके संशोधनों के,

ii.        संसद या किसी राज्य के विधान-मंडल द्वारा पारित सभी अधिनियमों के और राष्ट्रपति या किसी राज्य के राज्यपाल द्वारा प्रख्यापित सभी अध्यादेशों के ,और

iii.        इस संविधान के अधीन अथवा संसद या किसी राज्य के विधान-मंडल द्वारा बनाई गई किसी विधि के अधीन निकाले गए या बनाए गए सभी आदेशों, नियमों, विनियमों और उपविधियों के, प्राधिकृत पाठ अंग्रेजी भाषा में होंगे।

2.    खंड(1) के उपखंड (क) में किसी बात के होते हुए भी, किसी राज्य का राज्यपाल राष्ट्रपति की पूर्व सहमति से उस उच्च न्यायालय की कार्यवाहियों में, जिसका मुख्य स्थान उस राज्य में है, हिन्दी भाषा का या उस राज्य के शासकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग होने वाली किसी अन्य भाषा का प्रयोग प्राधिकृत कर सकेगाः

परंतु इस खंड की कोई बात ऐसे उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए किसी निर्णय, डिक्री या आदेश को लागू नहीं होगी।

3.    खंड (1) के उपखंड (ख) में किसी बात के होते हुए भी, जहां किसी राज्य के विधान-मंडल ने,उस विधान-मंडल में पुरःस्थापित विधेयकों या उसके द्वारा पारित अधिनियमों में अथवा उस राज्य के राज्यपाल द्वारा प्रख्यापित अध्यादेशों में अथवा उस उपखंड के पैरा (iv‌) में निर्दिष्ट किसी आदेश, नियम, विनियम या उपविधि में प्रयोग के लिए अंग्रेजी भाषा से भिन्न कोई भाषा विहित की है वहां उस राज्य के राजपत्र में उस राज्य के राज्यपाल के प्राधिकार से प्रकाशित अंग्रेजी भाषा में उसका अनुवाद इस अनुच्छेद के अधीन उसका अंग्रेजी भाषा में प्राधिकृत पाठ समझा जाएगा।

अनुच्छेद 349. भाषा से संबंधित कुछ विधियां अधिनियमित करने के लिए विशेष प्रक्रिया--

इस संविधान के प्रारंभ से पंद्रह वर्ष की अवधि के दौरान, अनुच्छेद 348 के खंड (1) में उल्लिखित किसी प्रयोजन के लिए प्रयोग की जाने वाली भाषा के लिए उपबंध करने वाला कोई विधेयक या संशोधन संसद के किसी सदन में राष्ट्रपति की पूर्व मंजूरी के बिना पुरःस्थापित या प्रस्तावित नहीं किया जाएगा और राष्ट्रपति किसी ऐसे विधेयक को पुरःस्थापित या किसी ऐसे संशोधन को प्रस्तावित किए जाने की मंजूरी अनुच्छेद 344 के खंड (1) के अधीन गठित आयोग की सिफारिशों पर और उस अनुच्छेद के खंड (4) के अधीन गठित समिति के प्रतिवेदन पर विचार करने के पश्चात्‌ ही देगा, अन्यथा नहीं।

अध्याय 4-- विशेष निदेश

अनुच्छेद 350. व्यथा के निवारण के लिए अभ्यावेदन में प्रयोग की जाने वाली भाषा--

प्रत्येक व्यक्ति किसी व्यथा के निवारण के लिए संघ या राज्य के किसी अधिकारी या प्राधिकारी को, यथास्थिति, संघ में या राज्य में प्रयोग होने वाली किसी भाषा में अभ्यावेदन देने का हकदार होगा।

अनुच्छेद 350 क. प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षा की सुविधाएं--

प्रत्येक राज्य और राज्य के भीतर प्रत्येक स्थानीय प्राधिकारी भाषाई अल्पसंख्यक-वर्गों के बालकों को शिक्षा के प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षा की पर्याप्त सुविधाओं की व्यवस्था करने का प्रयास करेगा और राष्ट्रपति किसी राज्य को ऐसे निदेश दे सकेगा जो वह ऐसी सुविधाओं का उपबंध सुनिश्चित कराने के लिए आवश्यक या उचित समझता है।

अनुच्छेद 350 ख. भाषाई अल्पसंख्यक-वर्गों के लिए विशेष अधिकारी--

1.    भाषाई अल्पसंख्यक-वर्गों के लिए एक विशेष अधिकारी होगा जिसे राष्ट्रपति नियुक्त करेगा।

2.    विशेष अधिकारी का यह कर्तव्य होगा कि वह इस संविधान के अधीन भाषाई अल्पसंख्यक-वर्गों के लिए उपबंधित रक्षोपायों से संबंधित सभी विषयों का अन्वेषण करे और उन विषयों के संबंध में ऐसे अंतरालों पर जो राष्ट्रपति निर्दिष्ट करे,
राष्ट्रपति को प्रतिवेदन दे और राष्ट्रपति ऐसे सभी प्रतिवेदनों को संसद् के प्रत्येक सदन के समक्ष रखवाएगा और संबंधित राज्यों की सरकारों को भिजवाएगा।

अनुच्छेद 351. हिंदी भाषा के विकास के लिए निदेश--

संघ का यह कर्तव्य होगा कि वह हिंदी भाषा का प्रसार बढ़ाए, उसका विकास करे जिससे वह भारत की सामासिक संस्कृति के सभी तत्वों की अभिव्यक्ति का माध्यम बन सके और उसकी प्रकृति में हस्तक्षेप किए बिना हिंदुस्थानी में और आठवीं अनुसूची में विनिर्दिष्ट भारत की अन्य भाषाओं में प्रयुक्त रूप, शैली और पदों को आत्मसात करते हुए और जहां आवश्यक या वांछनीय हो वहां उसके शब्द-भंडार के लिए मुख्यतः संस्कृत से और गौणतः अन्य भाषाओं से शब्द ग्रहण करते हुए उसकी समृद्धि सुनिश्चित करे।

 

 

 

 

 

 

 

 

 


 

केंद्रीय विद्यालय सी टी पी पी, छबड़ा, बारां,राज. राजभाषा हिंदी की तिमाही प्रगति रिपोर्ट( जनवरी से मार्च 2018 तक )

 

क्र.सं.

कार्यालय/विद्यालय का नाम

क्या राजभाषा नियम 10(4) में अधि- सूचित है?

कुल कार्मिकों की संख्या, उनमें से कितनों को हिंदी में कार्य साधक ज्ञान/ प्रवीणता प्राप्त है (इसमें शिक्षकों को भी शामिल किया जाए )

क्या कार्यालय में कार्यरत सहायक/ यूडीसी/ एलडीसी को हिंदी में कार्यसाधक ज्ञान/ प्रवीणता प्राप्त है

सेवा पुस्तिकाओं की संख्या, कितनी सेवा पुस्तिकाओं में हिंदी में प्रविष्टियां की जा रही है

निर्धारित/ प्रयोग में लाए जाने कुल फॉर्म, उन में से कितने अंग्रेजी में और कितने हिंदी में हैं

कार्यालय की अपनी वेब साइट क्या अंग्रेजी/ द्विभाषी है?

तिमाही में विज्ञापन एवं प्रचार-प्रसार पर किए गए खर्च का ब्योरा

कार्यालय में प्रयुक्त रबड़ मोहरों की जानकारी

कार्यालय में प्रयुक्त नामपट्टों एवं सूचनापट्टों का विवरण

कार्यालय में कुल उपलब्ध कम्प्यूटरों में क्या सभी में यूनिकोड एक्टिवेट कराया गया है?

क्या कार्यालय में कार्यरत सहायक/ यूडीसी/ एलडीसी यूनिकोड पर हिंदी में कार्य करने में प्रशिक्षित हैं?

1

2

3

4

5

6

7

8

9

10

11

12

 

13

 

 

 

कुल

कार्य साधक ज्ञान प्राप्त

प्रवीणता प्राप्त

प्रवीणता एवं व कार्य साधक ज्ञान प्राप्त दोनो का %

प्रवीणता प्राप्त कार्मिकों में से कितनो को नियम 8(4) के अंतर्गत विर्निदिष्ट किया गया है *

कुल

कार्य साधक ज्ञान प्राप्त

प्रवीणता प्राप्त

कुल

जिनमें हिंदी में प्रविष्टियां की जा रही है

कुल

अंग्रेजी

हिंदी/ द्विभाषी

अंग्रेजी/ द्विभाषी

कुल

हिंदी

अंग्रेजी

अन्य भाषा

कुल

अंग्रेजी

द्विभाषी/ हिंदी

कुल

अंग्रेजी

द्विभाषी

कुल

जिनमें यूनिकोड की सुविधा है

कुल

कितने प्रशिक्षित हैं

कितनो कों प्रशिक्षण दिया जाना है

 

के.वि.सी.टी.पी.पी.छबड़ा

हाँ

२१

२१

२१

100%

२१

२०

२०

१६

१३

हाँ

अभी तक बिल प्राप्त नहीं हुए हैं

२४

१३

११

६१

११

५०

६३

३३

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 


 

 

2

 

केंद्रीय विद्यालय का नाम: केन्द्रीय विद्यालय सी टी पी पी, छबड़ा, बारां, राज. राजभाषा हिंदी की तिमाही प्रगति रिपोर्ट (जनवरी से मार्च 2018 )

 

क्र.सं.

कार्यालय/विद्यालय का नाम

क्या वर्ष में कोई पत्रिका प्रकशित की गई,यदि हाँ तो हिंदी एवं अंग्रेजी में कितने-कितने पृष्ठ प्रकाशित किए गए

राभाकास बैठक का आयोजन

वर्ष में [ संदर्भ पुस्तकों को छोड़कर ] पुस्तकालय में कितने रूपये की पुस्तकों की खरीद की गई,इनमें से हिंदी की पुस्तकों पर खरीद की राशि

क्या राजभाषा के कार्यांवयन के लिए जाँचबिंदु बनायें गए हैं?

क्षे. का. में के वि से तिमाही रिपोर्ट प्राप्त होने की तारीख

क्षे.का. द्वारा के. वि. को समीक्षा रिपोर्ट भेजने की तारीख

के. वि. का तिमाही में पत्राचार का %

धारा 3(3) के अंतर्गत जारी कागजात *

राजभाषा नियम - 5 (हिंदी में प्राप्त पत्रों का उत्तर हिंदी में देना) का अनुपालन हो रहा है, यदि नहीं तो क्षे.का. द्वारा क्या कार्रवाई की गई

तिमाही में अंग्रेजी में प्राप्त पत्रों की स्थिति (केवल '' '' क्षेत्र के लिए)

 

 

14

15

16

17

18

19

20

21

22

23

 

 

हिंदी पृष्ठ

अंग्रेजी पृष्ठ

बैठक के आयोजन की तिथि

कार्यवृत्त जारी करने की तिथि

कुल खर्च राशि

हिंदी पुस्तकें खरीदने पर खर्च राशि

हाँ या नहीं

यदि हाँ तो कब से लागू हैं

 

 

कुल भेजे गए पत्रों की संख्या

अंग्रेजी में भेजे गए पत्रों की संख्या

हिंदी में भेजे गए पत्रों की संख्या

भेजे गए हिंदी पत्रों का %

अंग्रेजी

हिंदी

द्विभाषी

कुल हिंदी में प्राप्त पत्र

हिंदी में उत्तरित पत्रों की संख्या

' और '' क्षेत्रों से अंग्रेजी में प्राप्त पत्रों की संख्या

इनमें से हिंदी में उत्तरित पत्रों की संख्या

 

के.वि.सी टी पी पी,छबड़ा

नहीं

नहीं

३१-०३-२०१८

०७-०४-२०१८

८०९५

३२८९

हाँ

११-०९-२०११

१०-०४-२०१८

१२-०२-२०१८

७३

१६

५७

78%

१०

१२

२१

२१

 


 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

केन्‍द्रीय सरकार के कर्मचारियों/विभागों/संबंद्व व अधीनस्‍थ कार्यालयों/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों/स्‍वायत्‍त निकायों आदि में राजभाषा हिंदी के प्रगामी प्रयोग से संबंधित तिमाही प्रगति रिपोर्ट

जनवरी से मार्च 2018 को समाप्‍त

भाग I (प्रत्‍येक तिमाही में भरा जाए)

केंद्रीय विद्यालय का नाम और पूरा पता केन्द्रीय विद्यालय सी.टी.पी.पी. मोतीपुरा चौकी, छबड़ा

प्राचार्य का नाम- श्री मुकेश कुमार मीना, फोन न0 एसटीडी कोड-०७४५२-२२५०२५

ई-मेल-kvctpp.chhabra@gmail.com

1. राजभाषा अधिनियम 1963 की धारा 3(3) के अंतर्गत जारी कागजात *

(क) जारी कागजात की कुल संख्‍या २१

(ख) इनमें से केवल अंग्रेजी में जारी किए गए कागजात ०९

(ग)  इनमें से केवल हिंदी में जारी किए गए कागजात - १२

* इनमें सामान्‍य आदेश, ज्ञापन, संकल्‍प, अधिसूचनाएं, नियम, करार, संविदा, टेण्‍डर, नोटिस, संसदीय प्रश्‍न आदि हैं।

2. हिंदी में प्राप्‍त पत्र (राजभाषा नियम -5)

(क) हिंदी में प्राप्‍त पत्रों की कुल संख्‍या २१

(ख)    इनमें से कितनों के उत्‍त्‍र अंग्रेजी में दिए गए - किसी का भी नहीं | सभी के उत्तर हिंदी में दिए गए |

(ग)   इनमें से कितनों के उत्‍तर नहीं दिए गए - आवश्यकतानुसार उत्तर दिए गए

 

3.         अंग्रेजी में प्राप्‍त पत्रों के उत्‍तर हिंदी में दिए जाने की स्थ्‍िाति (केवल क्षेत्र में स्थ्‍िात कार्यालयों के लिए )

 

अंग्रेजी में प्राप्‍त पत्रों की संख्‍या

इनमें से कितनों के उत्‍तर हिंदी में दिए गए

क क्षेत्र को

०८

------

ख क्षेत्र को

------

-------

 

4.       भेजे गए कुल पत्रों का ब्‍यौरा

 

हिंदी

केवल अंग्रेजी में

भेजे गए कुल पत्रों की सं0

हिंदी/द्विभाषी में भेजे गए पत्रों का प्रतिशत

पिछली तिमाही में हिंदी/द्विभाषी में भेजे गए पत्रों का प्रतिशत

अगर वर्ततान तिमाही में पत्राचार प्रतिशत में कमी आई है तो कारण बजाए

क क्षेत्र को

५७

१६

७३

७८

८०

------

ख क्षेत्र को

-----

------

-----

----

---

----

ग क्षेत्र को

०१

------

०१

१००

---

कुल

५८

१६

७४

७८

८०

---

__2/

 

 

 

 

 

 

 

-2-

5.    राजभाषा कार्यान्‍वयन समिति की तिमाही बैठक के आयोजन की तिथि : ३१-०३-२०१८

 

 

6.   फाइलों पर किए गए हिंदी में कार्य हिंदी में अंग्रेजी में कुल संख्‍या

तिमाही के दौरान लिखी गई टिप्‍पणियां ०४ ०२ ०६

 

7.    शीर्षस्‍थ्‍ प्रशासनिक बैठकों की जानकारी -

(क) तिमाही के दोरान हुई शीर्षस्‍थ प्रशासनिक बैठकों की संख्‍या ०१

(ख) ऐसी कितनी बैठकों में वार्तालाप/कार्रवाइयां पूरी तरह हिंदी में की गई - ०१

 

 

8.   हिंदी कार्यशालाएं -

तिमाही के दौरान क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा केंद्रीय विद्यालयों के कर्मचारियों के लिए आयोजित कार्यशाला की तिथि

प्रशिक्षित अधिकारियों/कर्मचारियों की संख्‍या

-----

-----

 

10. तिमाही के दौरान राजभाषा नीति के कार्यान्‍वयन से संबंधित अन्‍य विशिष्‍ट उपलब्‍धियों का संक्षिप्‍त विवरण

(क) हिंदी दिवस: इस तिमाही में अपेक्षित नहीं है |

(ख) हिंदी सप्‍ताह/हिंदी पखवाड़ा/माह इस तिमाही में अपेक्षित नहीं है |

(ग) हिंदी संगोष्‍ठी : कर्मचारियों हेतु संगोष्ठी का आयोजन किया गया |

(घ) हिंदी में मौलिक पुस्‍तक लेखन योजना के अंतर्गत पुरस्‍कृत पुस्‍तकों का विवरण 0

(ड़) अन्‍य : राजभाषा हिंदी को अधिकाधिक बढ़ावा दिया जा रहा है |

उल्लिखित सूचना उपलब्‍ध अभिलेखों के आधार पर बनाई गई है तथा मेरी जानकारी के अनुसार सही है ।

 

मत्रांलय/विभाग/संगठन की राजभाषा कार्यान्‍वयन समिति के अध्‍यक्ष के हस्‍ताक्षर

 

अध्‍यक्ष का नाम : श्री मुकेश कुमार मीना

पदनाम प्राचार्य

फोन न0 ०७४५२-२२५०२५

फैक्‍स न0 ---

ईमेल का पता : kvctpp.chhabra@gmail.com

 

नोट - यह रिपोर्ट विभागीय राजभाषा कार्यान्‍वयन समिति के अध्‍यक्ष से हस्‍ताक्षरित न होने पर लौटा दी जाएगी। कोई भी कॉलम खाली न छोड़ा जाए और सूचना स्‍पष्‍ट रूप से दी जाए ।

 

क्रमश : भाग II

 

भाग II

(केंद्रीय विद्यालय का नाम: के.वि.सी.टी.पी.पी.छबड़ा (बारां.)

 

(इस भाग में सूचनाएं पूरे वित्‍तीय वर्ष की दी जाए। इसे केवल 31 मार्च को समाप्‍त तिमाही रिपोर्ट के भाग I के साथ भेजा जाए)

1 (i)

क्‍या विद्यालय राजभाषा नियम 10 (4) (अर्थात कार्यालय के कुल स्‍टॉफ में से 80 प्रतिशत को हिंदी का कार्यसाधक ज्ञान है) के अंतर्गत अधिसूचित है ?

हां/नहीं

 

हाँ अधिसूचित है |

हाँ

 

2. अधिकारियों/कर्मचारियेां के राजभाषा हिंदी के ज्ञान की स्थिति

1. जिन अधिकारियों/कर्मचारियों ने अपनी न्‍यूनतम अथवा अधिकतम पढ़ाई हिंदी माध्‍यम से नहीं की है अर्थात जिन्‍होंने हिंदी को सिर्फ एक विषय के रूप में पढ़ा हो उनकी संख्‍या कार्यसाधक ज्ञान में आएगी

2. जिन अधिकारियों /कर्मचारियों ने अपनी न्‍यूनतम अथवा अधिकतम पढ़ाई हिंदी माध्‍यम से की है वह हिंदी में प्रवीण माने जाएंगे और उनकी संख्‍या प्रवीणता प्राप्‍त कॉलम में आएंगी तथा दोनों का कुल योग ही कुल संख्‍या होनी चाहिए।

3. यदि कोई अधिकारी/कर्मचारी ऐसी घोषणा कर दे कि उसे हिंदी में प्रवीणता प्राप्‍त है तो उसे प्रवीण मान लिया जाएगा और उसे प्रवीणता प्राप्‍त वाले कर्मचारियों में गिना जाएगा।

 

 

 

अधिकारी

कर्मचारी

कुल संख्‍या

 

 

 

1

2

3

2 (i)

(क)           

अधिकारियों तथा कर्मचारियों की कुल संख्‍या (समूह घ के कर्मचारियों को छोडकर )

०१

२०

२१

 

(ख)          

उपर्युक्‍त (क) में से हिंदी का कार्यसाधक ज्ञान (मैट्रिक/प्राज्ञ परीक्षा उत्‍तीर्ण अथवा समतुल्‍य/उच्‍चतर स्‍तरपर हिंदी विषय के साथ उत्‍तीर्ण किए ) अधिकारियों/कर्मचारियों की संख्‍या

 

-----

 

------

 

-------

 

(ग)           

उपर्युक्‍त (ख) में से हिंदी में प्रवीणता प्राप्‍त/हिंदी माध्‍यम से मैट्रिक /उसके समतुल्‍य/उससे उच्‍चतर स्‍तर की परीक्षा उत्‍तीर्ण हुए अथवा हिंदी के वैकल्पिक विषय सहित स्‍नातक या समतुल्‍य या उससे उच्‍चतर परीक्षा उत्‍तीर्ण हुए अधिकारियों/कर्मचारियों की संख्‍या

 

०१

 

२०

 

२०

 

(घ)           

उपर्युक्‍त में से (ख) और (ग) को घटाते हुए कितने कर्मी हिंदी भाषा का प्रशिक्षण पा चुके हैं ।

------

-----

----

 

(ङ)           

हिंदी भाषा का प्रशिक्षण जिन्‍हें दिया जाना शेष हो उनकी संख्‍या (इसमें वह अधिकारी/कर्मचारी आएंगे जिनकी मात्र भाषा हिंदी नहीं है और जिन्‍होंने प्राज्ञ, प्रबोध, प्रवीण कोर्स नहीं किया है)

0

0

0

 

क्रमश : 2

 

 

 

-2-

2 (ii)

 

 

कुल संख्‍या

हिंदी टंकण में प्रशिक्षित

हिंदी में काम करने वाले

जो प्रशिक्षण ले रहे हैं ।

प्रशिक्षण के लिए शेष

 

 

 

 

 

 

 

 

 

(क)

टंकक/लिपिक

0

लागू नहीं

लागू नहीं

लागू नहीं

लागू नहीं

 

(ख)

किन कर्मचारियों को हिंदी टंकण का प्रशिक्षण दिलवाया जाना अपेक्षित है उनका नाम सेवा पुस्तिका के आधार पर दिया जाए । यदि वह हिंदी टंकक /लिपिक ही भर्ती हुआ हो तो नाम नहीं दिया जाए।

 

---

 

---

 

---

 

---

 

----

 

2 (iii)

 

 

कुल संख्‍या

 

(क)

कुल अधिकारी कर्मचारी जो अनुवाद करते हैं

0

 

(ख)

उक्‍त (क) में से केन्‍द्रीय अनुवाद ब्‍यूरो से प्रशिक्षण प्राप्‍त

0

 

(ग)

कितने प्रशिक्षण पा रहे हैं

0

 

(घ)

कितनों को प्रशिक्षण दिया जाना शेष है

0

 

3. हिंदी कार्य में सहायक विभिन्‍न साफटवेयरों की जानकारी तथा कंप्‍यूटर प्रशिक्षण की स्थिति -

3 (i)

सॉफटवेयरों के नाम

कुल कितने लिपिक हैं

इनमें से कितने यूनीकोड का प्रयोग कर रहे हैं ।

इनमें से कितने लिपिकों को अभी यूनीकोड का प्रशिक्षण दिया जाना है।

 

यूनीकोड

0

लागू नहीं

लागू नहीं

 

3 (ii)

कुल अधिकारियों/कर्मचारियों की संख्‍या

(लिपिको को छोड़कर )

कंप्‍यूटर पर हिंदी में काम करने के लिए प्रशिक्षित अधिकारियों/ कर्मस्‍चारियों की संख्‍या

कंप्‍यूटर पर हिंदी में प्रशिक्षण के लिए शेष अधिकारियों/ कर्मचारियों की संख्‍या

 

1

2

3

 

२१

२१

0

 

क्रमश : 3 /

 

 

 

 

-3-

4. कंप्‍यूटर आदि से संबंधित विवरण

 

 

विद्यालय में कुल कितने कंप्‍यूटर हैं (कंप्‍यूटर लैब सहित )

कितनों में यूनीकोड है

शेष की स्थिति

 

 

1

2

3

4 (i)

कंप्‍यूटर/लैपटाप

६३

३३

भाषा प्रयोगशाला हेतु आए हुए नवीन कम्प्यूटरों में यूनिकोड अभी नहीं है |

 

5. कोड, मैनुअल, मानकीकृत प्रपत्र फार्म आदि

 

कुल संख्‍या

द्विभाषी/हिंदी

केवल अंग्रेजी में

 

1

2

3

(क)   अधिनियम/नियम,कार्यालयीन कोड/ मैनुअल प्रक्रिया साहितय, आदि )

१६

१३

०३

(ख)  मानकीकृत प्रपत्र

१६

 

१३

०३

 

6. राजभाषा नियम 8(4) के अंतर्गत वर्तमान स्थिति के अनुसार कितने कर्मचारियों को विनिर्दिष्‍ट कर उन्‍हें प्राचार्य द्वारा आदेश पत्र जारी किया गया है (पिछले एक वर्ष में) १७

(क) कुल कर्मचारियों की संख्‍या जो हिंदी में प्रवीणता प्राप्‍त हों (उपर बिन्‍दु 2 से जानकारी दें) - २१

(ख) इनमें से कितनों को अभी तक 8(4) के अंतर्गत विनिर्दिष्‍ट किया गया है - २१

7(क) हिंदी भाषा में प्रशिक्षण की स्थिति - (जिनकी मात्र भाषा हिंदी नहीं है, उनके लिए)

हिंदी भाषा में प्रशिक्षण हेतु शेष अधिकारियों/कर्मचारियों की संख्‍या

वर्ष में प्रशिक्षित अधिकारियों/कर्मचारियों की संख्‍या

0

 

(ख) विद्यालय द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विवरण ३१-०३-२०१८

(i)            हिंदी माध्‍यम में आयोजित : ०१

(ii)          मिली जुली भाषा में आयोजित : ०१

क्रमश : 4 /

 

 

-4-

(ग)  प्रशिक्षण सामग्री -

(i)            पूरे वर्ष में तैयार प्रशिक्षण सामग्री की कुल संख्‍या - ०

(ii)          हिंदी/द्विभाषी सामग्री की संख्‍या -०

(iii)         केवल अंग्रेजी में सामग्री की संख्‍या -०

8. पिछले एक वर्ष में विद्यालय का राजभाषा हिंदी संबंधी निरीक्षण

(क) (i) पिछले निरीक्षण की तिथि : १९-०४-२०१७ (विद्यालय के पैनल निरीक्षण के दौरान)

(ii) लम्बित मामले कोई नहीं |

(iii) पिछली तिमाही की हिंदी प्रगति रिपोर्ट प्रेषित करने की तिथि -२३-०२-२०१८

(iv)         राजभाषा हिंदी कार्यान्‍वयन समिति की तिमाही बैठकों की तिथि: -

३०-०६-२०१७ /२५-०९-२०१७/ २१-१२-२०१७/३१-०३-२०१८

(अप्रैल2017 से मार्च 2018 तक अलग अलग तिथियां बताएं )

 

9. विद्यालय द्वारा प्रयुक्‍त किए जाने वाले फार्मों इत्‍यादि की जानकारी

i. कुल - १६

ii. हिंदी में - ----

iii. अंग्रेजी में - ०३

iv. द्विभाषी - १३

 

10. पत्रिकाओं आदि का प्रकाशन -

 

कुल संख्‍या

केवल हिंदी में

केवल अंग्रेजी में

पत्रिकाएं

-------------------------

अन्‍य प्रकाशन

 

11. हिंदी पुस्‍तकों की खरीद (पुस्‍तकालय मे इलेक्‍ट्रानिक मीडियम मे क्रय की गई पाठय सामग्री यथा सीडी, डीवीडी, डाक्‍यूमेंट्री, व ई-बुक शामिल करते हुए )

(क) वर्ष के दौरान पुस्‍तकों की खरीद पर कुल व्‍यय (अप्रैल 2017 से मार्च 2018 तक की जानकारी ) - - ४२३२७

(ख) इसमें से हिंदी की पुस्‍तकों की खरीद पर व्‍यय - २३०५७

 

12. उप सचिव/समकक्ष एवं उनसे उच्‍च स्‍तर के अधिकारियों /प्राचार्य द्वारा हिंदी मे कार्यं

प्राचार्य का नाम

हिंदी में प्रवीणता प्राप्‍त है या कार्यसाधक ज्ञान प्राप्‍त है

70 प्रतिशत से अधिक

30 से 70 प्रतिशत तक

30 प्रतिशत से कम

1

2

3

4

5

श्री मुकेश कुमार मीना

प्रवीणता प्राप्त है

हाँ

लागू नहीं

लागू नहीं

क्रमश : 5 /

 

 

-5-

13. विद्यालयों में हिंदी के पदों की स्थिति

 

पदों की संख्‍या

 

पदनाम

स्‍वीकृत

रिक्‍त

कब से रिक्‍त है

पी.जी.टी. हिंदी

०१

0

लागू नहीं

 

14. वेबसाइट की स्थिति -

वेबसाइट का पता

आंशिक रूप से हिंदी में

पूरी तरह से द्विभाषी रूप में

1

2

3

www.kvctppchhabra.org

लागू नहीं

हाँ

 

15. विभाग/ संगठन के हिंदी के प्रसारार्थ विशिष्‍ट उपलब्धियों तथा सफल अभिनव प्रयोगों का संक्षिप्‍त ब्‍यौरा-

  प्राचार्य महोदय द्वारा अधिकाधिक कार्यालय आदेश एवं अन्य आदेश राजभाषा हिंदी में ही निकाले जाते रहे हैं |

  अधिकाधिक कार्यालयी टिप्पणियाँ राजभाषा हिंदी में लिखी जा रही है |

  प्राचार्य महोदय द्वारा सभी बैठकों में भी राजभाषा हिंदी में निर्देश जारी किए जाते रहे हैं |

  प्राचार्य महोदय द्वारा छात्रों के साथ की जाने वाली वार्ताएं एवं दिए जाने वाले निर्देश भी राजभाषा हिंदी में ही दिए जाते रहे हैं |

16. हिंदी के प्रगामी प्रसार के लिए सुझाव- और अधिक बेहतर करने हेतु समय-समय पर मार्गदर्शन किया जाए |

17. वर्ष के दौरान (अप्रैल 2017 से मार्च 2018 तक की जानकारी सहित) जारी विज्ञापन एवं प्रचार पर किए गए व्‍यय की जानकारी

(i) हिंदी के विज्ञापन पर व्‍यय - अभी तक बिल प्राप्त नहीं हुआ है |

(ii) अंग्रेजी के विज्ञापन पर व्‍यय - अभी तक बिल प्राप्त नहीं हुआ है |

(iii)   अन्‍य भाषाओं के विज्ञापन पर व्‍यय - अभी तक बिल प्राप्त नहीं हुआ है |

(iv)   कुल योग - लागू नहीं |

 

उल्लिखित सूचना उपलब्‍ध अभिलेखों के आधार पर बनाई गई है तथा मेरी जानकारी के अनुसार सही है ।

 

मत्रांलय/विभाग/संगठन की राजभाषा कार्यान्‍वयन समिति के अध्‍यक्ष के हस्‍ताक्षर

 

अध्‍यक्ष का नाम: श्री मुकेश कुमार मीना

पदनाम प्राचार्य

फोन न0 ०७४५२-२२५०२५

फैक्‍स न0

ईमेल का पता: kvctpp.chhabra@gmail.com

 

नोट - यह रिपोर्ट विभागीय राजभाषा कार्यान्‍वयन समिति के अध्‍यक्ष से हस्‍ताक्षरित न होने पर लौटा दी जाएगी। कोई भी कॉलम खाली न छोड़ा जाए और सूचना स्‍पष्‍ट रूप से दी जाए ।

 

 

 

 

 

राजभाषा कार्यान्वयन समिति-बैठक का कार्यवृत्त (०७-०४-२०१८)

केन्द्रीय विद्यालय सी टी पी पी,छबड़ा में राजभाषा कार्यान्वयन समिति की २०वीं बैठक का आयोजन दिनांक: ३१-०३-२०१८ को विद्यालय के पुस्तकालय कक्ष में किया गया | राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक में समिति के सभी सदस्यों ने पूर्ण मनोयोग के साथ उपस्थित होकर समिति की बैठक में भाग लेकर अपना अमूल्य योगदान दिया एवं अपेक्षित सुझाव भी सभी से आमंत्रित किए गए | जिस पर सभी सदस्यों ने अपनी अपनी बात रखी | राजभाषा की तिमाही बैठक में राजभाषा की प्रगति हेतु कार्यसूची का विवरण प्रस्तुत करते हुए सभी सदस्यों को अवगत कराया गया कि विद्यालय राजभाषा के क्षेत्र में स्थित है | अत: हम सभी को हिंदी राजभाषा के उन्नयन हेतु लगातार सार्थक प्रयास करना होगा | साथ ही साथ हिंदी पत्राचार व्यावहारिक प्रयोग पर भी अधिकाधिक बल देते हुए छात्र/छात्राओं समाज में राजभाषा हिंदी को बढ़ावा देने हेतु लगातार प्रयास करते रहना है |

कार्यालय में अन्य विभागों में टंकण, मुद्रण, पंजिका-लेखन, पत्र-लेखन, वाचन, सूचना, विज्ञप्ति, प्रशस्ति-पत्र आदि में हिंदी भाषा का प्रयोग किया जाना चाहिए | इसके आलावा शीघ्र प्रकाशित होने वाली विद्यालय की प्रथम पत्रिका सृजन भाग-प्रथम हेतु छात्र/छात्राओं समस्त अध्यापकों कर्मचारियों से हिंदी की ललित नवोन्मेषित रचनाओं का पत्रिका में प्रकाशन किया जायेगा |

विद्यालय में प्रयोग में लाए जाने वाले सभी दस्तावेजों को हिंदी या द्विभाषी रूप में छपवाने का प्रयास किया जा रहा है | साथ ही साथ विद्यालय में प्रयुक्त होने वाली सभी मोहरें नए सिरे से हिंदी या द्विभाषी रूप में बनवाने का लक्ष्य रखा गया है |

सभी कक्षा कक्षों को हिंदी के कवियों रचनाकारों के नाम से नामित करने का प्रयास किया जा रहा है | इसके आलावा विद्यालय-पुस्तकालय में हिंदी पत्र-पत्रिकाओं का क्रय अधिकाधिक करने हेतु पुस्तकालयाध्यक्ष को भी सम्बंधित शिक्षकों को भी सुझाव दिया गया है | विद्यालय में उपलब्ध ६३ संगणक यंत्रो में से ३३ में हिंदी यूनीकोड स्थापित किया जा चुका है | इसके आलावा अभी हाल ही में केन्द्रीय विद्यालय संगठन से भाषा प्रयोगशाला हेतु प्राप्त ३० संगणक यंत्रों में अभी तक यूनिकोड स्थापित किया जाना अपेक्षित है | समयानुसार शीघ्रातिशीघ्र शेष संगणक यंत्रों में भी यूनीकोड स्थापित कर दिया जायेगा |

विद्यालय के सभी अध्यापक, प्राचार्य एवं सभी कर्मचारी हिंदी भाषा का अधिकाधिक प्रयोग करते हैं एवं करते रहेंगे | इन्हीं उम्मीदों के साथ यह कार्यवृत्त आपकी सेवा में आपकी सूचनार्थ प्रेषित है |

 

राजभाषा कार्यान्वयन-समिति (संयोजक एवं सदस्य)

१.      श्री मुनेश मीना, स्नातकोत्तर शिक्षक (हिंदी)

२.      श्री युवराज कु. शर्मा, टी.जी.टी (संस्कृत)

३.      श्री बनवारी लाल मीना, टी.जी.टी (सा.विज्ञान)

४.      श्री आर.एस.रैगर, प्राथमिक शिक्षक

५.      श्री अब्दुल इरशाद खान, प्राथमिक शिक्षक

६.      श्री बृजमोहन, प्राथमिक शिक्षक